PM Kisan Scheme – देश के करोड़ों किसानों के लिए यह सप्ताह बड़ी राहत लेकर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को असम की राजधानी गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 22वीं किस्त का शुभारंभ किया। इस किस्त के तहत देशभर के 9.32 करोड़ से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में सीधे ₹18,640 करोड़ की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी गई।
रबी फसल की कटाई से ठीक पहले यह सहायता किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस मौसम में बीज, खाद और सिंचाई पर खर्च अपेक्षाकृत अधिक होता है।
योजना का सफर: फरवरी 2019 से अब तक
फरवरी 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक ₹4.09 लाख करोड़ से अधिक की राशि पात्र किसान परिवारों को हस्तांतरित की जा चुकी है। 22वीं किस्त जारी होने के बाद यह संचयी राशि ₹4.27 लाख करोड़ को पार कर गई है।
इस योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक चार महीने में ₹2,000 की राशि सीधे बैंक खाते में जमा होती है।
2.15 करोड़ महिला किसानों को भी मिला लाभ
इस बार की किस्त में विशेष बात यह रही कि 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान भी लाभार्थियों में शामिल हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और उनकी पहचान दोनों बढ़ रही है।
ई-केवाईसी अनिवार्य — चूके तो अटक सकती है किस्त
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना ई-केवाईसी के किसी भी किसान को किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। ई-केवाईसी पूरी करने के लिए किसान पीएम किसान पोर्टल पर ओटीपी के जरिए, पीएम किसान मोबाइल ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन से, या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
इसके अलावा बैंक खाते का आधार से सही तरीके से लिंक होना और भूमि अभिलेखों में कोई त्रुटि न होना भी जरूरी है।
घर बैठे ऐसे जानें अपनी किस्त का हाल
किसानों को बार-बार बैंक या सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। स्टेटस जानने के लिए —
- pmkisan.gov.in पर जाएं
- ‘Beneficiary Status’ विकल्प पर क्लिक करें
- अपना आधार नंबर या पंजीकरण नंबर दर्ज करें
- ओटीपी से सत्यापन करें
इसके बाद आपकी सभी पिछली किस्तों का विवरण और ताजा भुगतान की स्थिति स्क्रीन पर दिख जाएगी।
किस्त नहीं मिली? घबराएं नहीं, करें यह काम
अगर किसी किसान के खाते में अभी तक राशि नहीं आई है तो सबसे पहले इन बिंदुओं की जांच करें —
- ई-केवाईसी पूर्ण है या नहीं
- बैंक खाता आधार से लिंक है या नहीं
- भूमि रिकॉर्ड में कोई अशुद्धि तो नहीं
यदि समस्या बनी रहे तो किसान पीएम किसान हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं, जो कार्यदिवसों में सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक उपलब्ध रहती है।हेल्पलाइन नंबर 155261 और 1800115526 पर कॉल कर मदद ली जा सकती है।
कौन है पात्र, कौन नहीं?
इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलता है जिनके नाम भूमि अभिलेख में दर्ज हैं और जिन्होंने सही तरीके से पंजीकरण कराया है। वहीं, आयकर दाता, पति-पत्नी दोनों एक साथ लाभार्थी नहीं हो सकते, किराए की जमीन पर खेती करने वाले किसान, और जिनके परिवार में कोई सदस्य पिछले वर्ष आयकर दाता रहा हो — वे इस योजना के पात्र नहीं हैं। इसके अलावा सरकारी कर्मचारी, ₹10,000 से अधिक पेंशन पाने वाले और डॉक्टर, इंजीनियर व वकील जैसे पेशेवर भी इस योजना के दायरे से बाहर हैं।
अब 23वीं किस्त की तैयारी करें किसान
योजना के तहत हर चार महीने में किस्त जारी होती है। 21वीं किस्त नवंबर 2025 और 22वीं मार्च 2026 में आई, इसलिए 23वीं किस्त जून-जुलाई 2026 के आसपास आने की संभावना है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि 23वीं किस्त के लिए ‘Farmer ID’ अनिवार्य की जा सकती है। इसलिए किसानों को अभी से यह पहचान पत्र बनवाने की तैयारी कर लेनी चाहिए।
संक्षेप में: पीएम किसान की 22वीं किस्त ने एक बार फिर साबित किया है कि यह योजना ग्रामीण भारत की आर्थिक रीढ़ बन चुकी है। किसानों को सलाह है कि वे अपना ई-केवाईसी, आधार लिंकिंग और भूमि रिकॉर्ड समय रहते अपडेट रखें, ताकि भविष्य की किस्तें बिना किसी रुकावट के मिलती रहे








