Ladki Bahin Yojana 18th Installment – मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में चल रही लाडकी बहिण योजना इन दिनों करोड़ों परिवारों की उम्मीद बन चुकी है। हर महीने मिलने वाली ₹1500 की सहायता राशि चाहे देखने में मामूली लगे, लेकिन घर की महिलाओं के लिए यह रकम बच्चों की पढ़ाई, दवाइयाँ और रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करने में बड़ी भूमिका निभाती है। यही वजह है कि हर महीने किस्त आने की तारीख का लाखों महिलाएं बेसब्री से इंतज़ार करती हैं।
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दो राज्य, एक सपना — महिलाओं की आर्थिक आज़ादी
मध्य प्रदेश में इस योजना को मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना और महाराष्ट्र में माझी लाडकी बहिण योजना के नाम से जाना जाता है। हालांकि नाम भिन्न हैं, किंतु दोनों का लक्ष्य एक ही है — महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना। मध्य प्रदेश में प्रारंभ में ₹1250 प्रतिमाह दिए जाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹1500 किया गया। महाराष्ट्र में भी यही राशि हर महीने सीधे बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के ज़रिये भेजी जाती है, जिससे भ्रष्टाचार की कोई संभावना नहीं रहती।
मासिक सहायता राशि | ₹1,500
MP में कुल लाभार्थी | 1.26 करोड़+
MH में प्रस्तावित राशि | ₹2,100
MP की ताज़ा किस्त | 33वीं
मध्य प्रदेश: अब तक 33 किस्तें पहुँच चुकी हैं खातों में
चूँकि यह योजना मध्य प्रदेश में सबसे पहले लागू हुई थी, इसलिए यहाँ किस्तों की संख्या सबसे अधिक है। नवंबर 2024 में 18वीं किस्त के बाद से सफर लगातार जारी रहा और 2026 की शुरुआत तक 32 से अधिक किस्तें लाभार्थियों के खातों में पहुँच चुकी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार फरवरी 2026 में 33वीं किस्त 14 फरवरी के आसपास ट्रांसफर होने का अनुमान था, जिसे महिलाओं ने तोहफे की तरह स्वीकार किया।
महाराष्ट्र में क्या है ताज़ा स्थिति?
महाराष्ट्र में यह योजना बाद में शुरू हुई, अतः यहाँ किस्तों की कुल संख्या अभी कम है। 2026 के आरंभ में जनवरी की किस्त फरवरी के मध्य में जारी होने की सूचना मिली थी, जिससे कुछ लाभार्थियों को असुविधा हुई। राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आगे किस्त की तारीखों को नियमित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सरकार योजना की मासिक राशि को ₹1500 से बढ़ाकर ₹2100 करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
कौन महिलाएँ उठा सकती हैं इस योजना का लाभ?
यदि आप भी इस योजना से जुड़ना चाहती हैं, तो नीचे दी गई पात्रता शर्तें ध्यान से पढ़ें:
घर बैठे ऐसे जाँचें अपनी किस्त का स्टेटस
किस्त आई या नहीं — यह जानने के लिए बार-बार बैंक जाने की ज़रूरत नहीं है। इन सरल चरणों का पालन करें:
किस्त रुकने से बचाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
कई बार तकनीकी कारणों, चुनावी आचार संहिता या सरकारी प्रक्रिया के चलते किस्त में विलंब हो सकता है। इससे बचने के लिए अपनी e-KYC नियमित रूप से अपडेट रखें और आधार-बैंक लिंकेज सुनिश्चित करें। यदि आपकी आयु 60 वर्ष से अधिक हो जाती है तो नाम सूची से हट सकता है — अतः समय पर जाँच करती रहें। भविष्य में इस राशि को ₹3000 तक बढ़ाने की भी चर्चा है, जो महिलाओं के जीवन स्तर में और सुधार ला सकती है।










